झुंझुनू, राजस्थान प्रान्त के शेखावाटी क्षेत्र में स्थित शहर है तथा सीकर एंव चूरु जिले के नज़दीक है। यह राजस्थान के उत्तर पूर्वी हिस्से में स्थित है। झुंझुनू जिले के उत्तर में चूरू जिला, पूर्व तथा पूर्वोत्तर में हरियाणा राज्य तथा दक्षिण में सीकर जिला स्थित है। यह शहर जुझारसिंह नेहरा के नाम पर सन् 1730 ई. में बसाया गया था। नेहरा लोगों के प्रसिद्द सरदार जुझारसिंह नेहरा का जन्म संवत् १७२१ विक्रमी श्रावण महीने में हुआ था। उनके पिता नवाब के यहाँ फौज के सरदार यानि फौजदार थे। युवा होने पर सरदार जुझार सिंह नवाब की सेना में जनरल बन गए। उनके दिल में यह बात पैदा हो गयी कि भारत में जाट साम्राज्य स्थापित हो। जुझार सिंह ने पंजाब, भरतपुर, ब्रज के जाट राजाओं और गोकुला के बलिदान की चर्चा सुन रखी थी। उनकी हार्दिक इच्छा थी कि नवाबशाही के खिलाफ जाट लोग मिल कर बगावत करें।
उन्हीं दिनों सरदार जुझार सिंह की मुलाकात एक राजपूत से हुई। वह किसी रिश्ते के जरिये नवाब के यहाँ नौकर हो गया। उसका नाम शार्दुल सिंह था। दोनों का सौदा तय हो गया। शार्दुल सिंह ने वचन
दिया कि इधर से नवाबशाही के नष्ट करने पर हम तुम्हें (सरदार जुझार सिंह को) अपना सरदार मान लेंगे। अवसर पाकर सरदार जुझार सिंह ने झुंझुनू और नरहड़ के नवाबों को परास्त कर दिया और बाकि मुसलमानों को भगा दिया।
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| जुझारसिंह नेहरा |
कुंवर पन्ने सिंह द्वारा लिखित 'रणकेसरी जुझार सिंह' नामक पुस्तक में अंकित है कि सरदार जुझार सिंह को सरदार बनाया गया। सरदार जुझार सिंह का तिलक करने के बाद एकांत में पाकर विश्वास घात कर शेखावतों ने सरदार जुझार सिंह को धोखे से मार डाला। इस घृणित कृत्य का समाचार ज्यों ही नगर में फैला हाहाकार मच गया। जाट सेनाएं बिगड़ गयी। फिर भी कुछ लोग विपक्षियों द्वारा मिला लिए गए। कहा जाता है कि उस समय चारण ने शार्दुल सिंह के पास आकर कहा था -
सादे लीन्हो झूंझणूं,
लीनो अमर पटै बेटे पोते पड़ौते,
पीढी सात लटै
अर्थात - सादुल्लेखान से इस राज्य को झून्झा (जुझार सिंह) ने लिया था, वह तो अमर हो गया।
जुझार अपनी जाती के लिए शहीद हो गया। वह संसार में नहीं रहे, किन्तु उनकी कीर्ति आज तक गाई जाती है। झुंझुनू शहर का नाम जुझार सिंह के नाम पर झुन्झुनू पड़ा है।
झुंझुनूं शहर विक्रम युग 1045 में चौहान वंश द्वारा पर शासन किया था, और सिद्धराज एक प्रसिद्ध राजा था कि कहा जाता है । साल 1450 में मोहम्मद खान और उनके बेटे समस खान चौहान को पराजित किया और झुंझुनूं विजय प्राप्त की। मोहम्मद खान झुंझुनूं के पहले नवाब था । तो अपने बेटे समस खान वर्ष में गद्दी पर बैठा। 1459. समस खान गांव समसपुर स्थापना की और समस तालाब का निर्माण हो गया।
नवाबरुहेल खाँ झुंझुनूं के अंतिम नवाब था । नवाबों 280 साल के लिए झुंझुनूं पर शासन किया। नवाबरुहेल खाँ शार्दुल सिंह में एक महान विश्वास लगाया था और वह अपने दीवान के रूप में काम किया। शार्दुल सिंह एक बहुत ही साहसी, बोल्ड, बहादुर और कुशल प्रशासक थे । उन्होंने कहा कि 1730 में रुहेल खाँ की मौत के बाद , झुंझुनूं कब्जा कर लिया।
शार्दुल सिंह ने अपने पूर्वज राव शेखा जी के रूप में था के रूप में बहादुर था, यह झुंझुनूं वह कब्जा कर लिया ( वारिस ) कि अपने सूक्ष्म राजनीतिक के सहारे था और बारह साल के लिए इस पर शासन किया। वह इस तरह के कल्याण जी मंदिर और गोपीनाथ जी का मंदिर में के रूप में कई मंदिरों का निर्माण के रूप में उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति, मन की धार्मिक तुला का एक आदमी था अपने पांच बेटों के बीच समान रूप से विभाजित और वे भारत से हासिल की स्वतंत्रता शार्दुल सिंह तक इस पर शासन करने के लिए जारी किया गया था झुंझुनूं । अपने पिता की मीठी याद में , अपने बेटों परसरामपुरा पर एक स्मारकीय गुंबद बनाया है।
झुंझुनूं का नाम लेते मन जोश एवं श्रद्धा से भर जाता है। यह अपने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है, जो बहादुर सैनिकों की एक शानदार मिसाल है। यहां के जर्रे-जर्रे से उठने वाली देशभक्ति की आवाज से जोश तो गाँव - गाँव में स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं को देखकर मन में श्रद्धा का भाव स्वतः ही आ जाता है। सेना में जाने तथा मातृभूमि के लिए शहीद होने का जज्बा यहां दिखाई देता है, शायद ही ऐसा कहीं पर दिखाई दे। बात चाहे आजादी से पहले की हो या बाद की, जिले के जाबांज सैनिकों ने दुश्मनों के छक्के उड़ाकर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया। वीरता के बाद झुंझुनूं का धर्म-कर्म के मामले में अलग मुकाम है। राज्य के प्रथम परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह इसी जिले के निवासी थे। झुंझूनूं जिले की बेटी व फतेहपुर शेखावाटी की बहु मंजू गनेड़ीवाल को अमेरिका के वर्जिनिया राज्य की वित्तमंत्री नियुक्त किया गया है।
जिले का बख्तावरपुरा गाँव जल संरक्षण व स्वच्छता के मामले में आदर्श गाँव बन चुका है, जिसकी यात्रा सार्क देशों, अमेरिका, जिम्बाब्वे आदि के प्रतिनिधियों ने की। जिले के डूंडलोद कस्बे में राज्य का प्रथम गर्दभ (गधा) अभ्यारण स्थापित किया गया है। झुंझूनूं में सबसे कम गरीब ग्रामीण जनता (10.5%) रहती है। राजसमंद के पश्चात् झुंझूनूं दूसरा न्यूनतम जनसँख्या वृद्धि दर (20.9%) वाला ज़िला है।
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| झुंझुनू जिले का नक्शा |
सामान्य सूचनाएं
जणगणना वर्ष-2011 के आँकड़ों के अनुसार झुंझुनूं क्षेत्र की जनसँख्या 2139658 लाख जिसमे पुरुष 1097390 लाख और महिला 1042268 लाख 5928 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले हुए हैं।
City | District | |
Area | 9.64 Sq. Km | 5928 Sq. Km |
झुंझुनू जिले के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न
(FAQs of Jhunjhunu District)
प्रश्न:- राजस्थान में झुंझुनू जिला किस हिस्से में उपस्थित है?
उत्तर :- राजस्थान में झुंझुनू जिला उत्तर पूर्वी हिस्से में उपस्थित है।
प्रश्न:- झुंझुनू जिला कितने क्षेत्र में फैला हुआ है?
उत्तर :- झुंझुनू जिला 5,928 वर्ग किमी में फैला हुआ है।
प्रश्न:- झुंझुनू जिले की जनसँख्या कितनी है?
उत्तर :- झुंझुनू जिले की अनुमानित जनसंख्या 2,478,545 है।
प्रश्न:- झुंझुनू जिले का जनसँख्या घनत्व कितना है?
उत्तर :- झुंझुनू जिले का जनसँख्या घनत्व 361/वर्ग किमी है।
प्रश्न:- झुंझुनू जिले की साक्षरता दर कितनी है?
उत्तर :- झुंझुनू जिले की साक्षरता दर 74.72% है।
झुंझुनू जिले की अधिकारिक वेबसाइट jhunjhunu.rajasthan.gov.in हैं।



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